नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें। मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें। * ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं। यह समय साधक को आध्यात्मिक https://yantra48371.dgbloggers.com/39917217/yeh-content-dharmik-aur-tantrik-parampara-par-aadharit-hai-options