मार्कशीट्स बैकडेट में बीपीएड में दाखिला दिखाकर तैयार की गई थीं. फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें। * ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं। मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा अष्टमी या नवमी https://baglamukhishabarmantra98764.imblogs.net/89085813/the-best-side-of-1-647-550-2650